बिना ज्ञान हुये किसी के बारे में नहीं जान सकते !जिसको ज्ञान नहीं होता वह पशु के तुल्य ही माना जाता है ! ज्ञान कई प्रकार का होता है जिस भी क्षेत्र को जानना चाहते हो उसके बारे में ज्ञान होना अति आवश्यक है तभी हम उसके बारे में भली-भांति जान सकते हैं !आज हम आध्यात्मिक ज्ञान के बारे में संक्षेप में बताएंगे, आध्यात्मिक अर्थात भगवान के बारे में जानकारी मनुष्य जब से समझदार हुआ है उसे अपने बारे में और फिर स्वयं को उत्पन्न करने वाले के बारे में जानने की जिज्ञासा आदिकाल से ही रही है ! इस क्षेत्र में वह प्रयत्न भी करता आ रहा है परंतु उसे पूर्ण सफलता नहीं मिली, उसकी अभी तक इस क्षेत्र में अधूरी ही जानकारी प्राप्त है, आध्यात्मिक मार्ग परमात्मा का होता है और कंप्लीट आध्यात्मिक जानकारी वही भगवान सही-सही बता सकता है जिसने यह सृष्टि बनाई है!
संत शिरोमणि कबीर साहेब ने इस आध्यात्मिक ज्ञान को चरम सीमा पर पहुंचाया है! आज जितने भी दार्शनिक हो ज्ञानी, मुनि,संत जन हो अन्य कोई विद्वान हो इन सब के ज्ञान में कबीर साहिब जी का आध्यात्मिक सर्वोच्च स्थान प्राप्त है भगवान कौन हैं?वह कहां रहता है? किस किसने देखा है? उसे प्राप्त करने की विधि क्या है? और उसके प्रमाण कहां है ? आत्मा कौन हैं ? कहां से आई है ? इसे जन्म मृत्यु का रोग कहां,कब से लगा है ?इस प्रकार से ढेरों प्रश्न इस आध्यात्मिकता से जुड़े हुए हैं,इन सब का सही और सटीक प्रमाणिक उत्तर कबीर साहेब द्वारा अपने आध्यात्मिक ज्ञान में आज से 600 वर्ष पहले लोकोक्तियां,कविताओं,कबीर दोहों के माध्यम से दिया !
था जब उनके ज्ञान रिसर्च किया जाता है तो पता लगता है कि उनका ज्ञान गूढ़ रहस्यों से परिपूर्ण है और सर्वोपरि है उन्होंने ऐसा ज्ञान दिया जो विज्ञान से भी परे हैं! प्रमाणिकता और सत्यता पर खरा उतरता है !आध्यात्मिकता की उच्चता हमेशा से ही रही है आध्यात्मिक ज्ञान में सृष्टि रचना से लेकर वर्तमान और आगे भविष्य की कंप्लीट जानकारी विद्यमान है ! कबीर साहिब द्वारा दिया गया आध्यात्मिक ज्ञान ऐसा है की मूर्ख व्यक्ति की बुद्धि में आने वाला नहीं है और ज्ञानी विद्वान व्यक्ति उसके ज्ञान को सुनकर समझ कर हृदय से लगा लेता है आगे की जानकारी अगले ब्लॉक में मिलेगी....
धन्यवाद

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