Bible
जैसे हिंदुओं का वेद गीता प्रमाणिक और पवित्र ग्रंथ माने जाते हैं उसी प्रकार ईसाईयों का पवित्र बाइबल प्रमाणिक आधारभूत ग्रंथ माना जाता है बाईबिल में परमात्मा व ईसा मसीह केेे बारे मेंउल्लेख किया गया है ! उत्पत्ति ग्रंथ 1:26 उल्लेख है कि "परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार नर नारी करके पैदा किया" इससे स्पष्ट है कि परमात्मा निराकार नहीं है वह मनुष्य के सदृश्य हैजिसने 6 दिन में सृष्टि रची सातवें दिन विश्राम किया उसी को पवित्र दिन ठहराया पृथ्वी पर जितने भी बीज वाले फल है उनको मनुष्य के खाने के लिए दिए पशु पक्षियों के लिए जो भी घास फूस पृथ्वी पर है वह उनके खाने के लिए दिए मांस खाने का आदेश उस सृष्टि रचनहार ने नहीं दिया इससे स्पष्ट हो जाता है वर्तमान में ईसाई धर्म में जो मांस खाने की प्रथा बना रखी है वह मिथ्या है झूठ है और परमेश्वर के वचन का उल्लंघन है जिससे परमात्मा के विधान का उल्लंघन करके पाप के भागी बन रहे हैं
जैसे हिंदुओं का वेद गीता प्रमाणिक और पवित्र ग्रंथ माने जाते हैं उसी प्रकार ईसाईयों का पवित्र बाइबल प्रमाणिक आधारभूत ग्रंथ माना जाता है बाईबिल में परमात्मा व ईसा मसीह केेे बारे मेंउल्लेख किया गया है ! उत्पत्ति ग्रंथ 1:26 उल्लेख है कि "परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार नर नारी करके पैदा किया" इससे स्पष्ट है कि परमात्मा निराकार नहीं है वह मनुष्य के सदृश्य हैजिसने 6 दिन में सृष्टि रची सातवें दिन विश्राम किया उसी को पवित्र दिन ठहराया पृथ्वी पर जितने भी बीज वाले फल है उनको मनुष्य के खाने के लिए दिए पशु पक्षियों के लिए जो भी घास फूस पृथ्वी पर है वह उनके खाने के लिए दिए मांस खाने का आदेश उस सृष्टि रचनहार ने नहीं दिया इससे स्पष्ट हो जाता है वर्तमान में ईसाई धर्म में जो मांस खाने की प्रथा बना रखी है वह मिथ्या है झूठ है और परमेश्वर के वचन का उल्लंघन है जिससे परमात्मा के विधान का उल्लंघन करके पाप के भागी बन रहे हैं
