Holy Scriptures

Wednesday, May 20, 2020

Holy work


  1. गोल गोल तेजी से घूमती पृथ्वी,अंतरिक्ष से जब नजर घुमाई जाती है तो नजरें पवित्र जगह ढूढने की तलाश करती है ! एकाएक निगाहें भारत भूमि के उस पवित्र स्थान पर टिक जाती है जहां से मानवता भलाई के कार्य और सामाजिक सुधारें होते हैं! जहाँ से पवित्रता की खुसबू की महक चारों ओर फैलती है ! जी हां दोस्तों सभी सोच रहे होंगे कि आखिरकार पृथ्वी पर वह पवित्र स्थान कौन सा है जहां से इस तरह के कार्य को  साकार रूप दिया जाता है ! वैसे तो भारत में बहुत से ऐसे स्थान हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ प्रथम स्थान हरियाणा के हिसार जिले की तहसील बरवाला से पश्चिम देशा से 5km दूर  सतलोक आश्रम स्थित है !  जिसकेे सचालक  संत रामपाल जी महाराज हैं! उनके द्वारा किए गए अथक प्रयास से मानव समाज में एक नई सभ्यता, संस्कृति पवित्र विचारों वाली जन्म ले चुकी है ! उनके सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक विचार एवंं पवित्र कार्यों ने पूरी पृथ्वी पर क्रांति ला कर रखी दी है ! चाहे किसी भी क्षेत्र में देख लो एक तरफ दुनिया  हर तरह की बुराई और बुरे  कार्यों में दिन-रात उत्तरोत्तर वृद्धि कर रहे हैं  तो दूसरी तरफ उनके अनुयाई हर बुराई से कोसों दूर रहते हैं! इस बारे में आपको बिंदु बार संक्षेप में बताना चाहेंगे

 ● सामाजिक कार्य》 
1.हर प्रकार के आडंबर और वे फिजूलखर्ची लोक दिखावा को दरकिनार करते हुए दहेज रहे शादी करना
2. हर प्रकार के नशे (बीड़ी,तंबाकू, शराब, हुक्का,            सुल्फा,अफीम,गांजा इत्यादि) से दूर रहना और उसमें      किसी प्रकार का सहयोग ना देना
3. गरीब,असहाय,अनाथ बच्चे, बुजुर्ग के लिए हर संभव      सहायता प्रदान करना
4. हर प्रकार के दिखावा से दूर रहना
5.जुआ, ताश कभी ना खेलना एवं गौशालाओं के लिए     आर्थिक सहायता देना
6अन्याय के विरोध में न्याय के लिए किसी भी           सामाजिक संगठन का साथ देना
7.सामाजिक कुरीतियों और आडंबओ से दूर रहकर       लोगों को जागरूक करना पाखंडवाद पुरजोर तरीके से     विरोध करना
8.समस्त मानव जाति को एकता के सूत्र में बांधना और     भाईचारा स्थापित करना
9. धर्म,मजहब, संप्रदाय, पंथ की दीवारों को खत्म     करना एवं विश्व को एक परिवार  बनाना इत्यादि



●  धार्मिक सुधारआज यदि धर्म की ध्वजा को किसी ने आसमान में लहराया है तो वर्तमान में संत रामपाल जी का नाम  प्रमुखता से लिया जाता है! संत रामपाल जी महाराज ने धार्मिक क्षेत्र में अद्वितीय दिव्य क्रांति लाई है !उसका यहां पर शब्दों में बांधकर व्याख्या करना लगभग असंभव है ! धर्म की आड़ में मानव का जितना पतन हुआ है उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने उतना ही धार्मिक सुधार करके उसे  एक नया रंग रूप देकर अद्वितीय उत्थान कििया है ! हम कह सकते हैं उन्होंने जो महा परोपकार कार्य किया है  इसके लिए समस्त मानव जाति उनकी सदा ऋणी रहेगी
 


1. शास्त्र विरुद्ध साधना का पर्दाफाश करके शास्त्र अनुकूल साधना मानव समाज को प्रदान करना जिससे सब का अनमोल मानव जीवन सफल हो सके
2.नकली धर्मगुरुओं के अज्ञान की पोल खोलना और     उन्हें निरुत्तर कर देना
3.सभी धर्मों की धार्मिक पवित्र पुस्तकों का गहन अध्यन कर उनके गूढ़ रहस्य को उजागर कर  भक्त समाज के लिए जन जन तक पहुंचाना
4. मोक्ष का मार्ग प्रस्तुत करना  एवं जटिल आध्यात्मिक प्रश्नों का प्रमाण सहित शंका समाधान करना
5.दैविक दैहिक आध्यात्मिक अर्थात तीनों पापों से दुखी व्यक्तियों के लिए कंप्लीट कोर्स प्रदान करना कहने का मतलब
6.तत्वज्ञान की क्रांति लाना,शास्त्र अनुकूल साधना और सही भक्ति विधि मानव मानव समाज को प्रदान करना  7.मोक्ष के दिव्य मंत्र अविष्कार करके मानव जाति के उद्धार के लिए अपने अनुयायियों निशुल्क प्रदान करना
8.उस एक भगवान की खोज करना जो सर्व सुख दाता, सबका परम पिता, परम हितेषी और कष्ट निवारक जो सभी धर्म के  महानुभाव जिसे कहते हैं  भगवान तो एक ही है

इस तरह उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अनूठी छाप छोड़ी है यदि बात की जाए आर्थिक क्षेत्र तो संत रामपाल जी आवश्यकता से ज्यादा धन इकट्ठा करना  भक्ति मार्ग में विष के समान बताया है! और कहा है कि

कबीर साईं इतना दीजिए, जिसमें कुटुम समाय !
मैं भी भूखा ना रहूं, अतिथि न भूखा जाए !!

 इस सिद्धांत को सबके लिए लागू किया है जिससे व्यक्ति ज्ञान से परिचित होकर बेहिसाब बेसब्री धन इकट्ठा करने की अंधी दौड़ के प्रतिस्पर्धा भागी नही होगे वह कीमती समय अपने भजन सुमिरन सामाजिक सुधार कार्यों में दान धर्म में लगाएंगे जिससे भगवान खुश होकर उनको वह सभी सुख देगा जिसकी उसे जीवन में जरूरत है संत रामपाल जी द्वारा बताई गई भक्ति साधना से ऐसे शास्त्र अनुकूल कार्य करवाए जाते हैं जिससे उनको ईमानदारी से इतना धन मिलेगा जिसकी वह सपने में भी कल्पना नहीं कर सकता संत रामपाल जी वैसे कोई आम इंसान नहीं यह साक्षात पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब ही हैं यह बात आपको तत्वज्ञान  ज्यादा सिद्ध होगी दर्जनों भविष्य वक्ताओं ने संत रामपाल जी के पवित् कार्यों के बारे में भविष्यवाणी की है कहा है कि ऐसा स्वर्ण युग इस धरती पर वह महापुरुष लाएगा कि आज तक मानव जाति ने कभी देखा नहीं होगा हर तरह का सुधार लाकर रख देगा इस धरती को  स्वर्ग में तब्दील कर देगा आज देख लो उनके सामाजिक कार्य और उनके विचार उनका ज्ञान उनके अनुयाई के नियम कायदे आचरण दुनिया से बिल्कुल अलग है कारण सिर्फ एक ही है क्योंकि उन्होंने ज्ञान आभार और भगवान से डर कर जीना शुरु कर दिया है आप भी यदि चाहते हैं समाज में, अपने घर में, देश में,सुधार हो, हर बुराई से दूर हो, तो आप संत रामपाल जी के सत्संग रोजाना साधना टीवी पर शाम को  7:30 बजे से 8:30 बजे तक प्रतिदिन देखना शुरु कर दीजिये अधिक जानकारी के लिए निम्न website Dekhen       
                http://www.jagatgurusaintrampalji.org/

सत साहेब 🙏

Wednesday, May 13, 2020

Resurgence of spiritual

 जीवन चक्र में परिवर्तन होना स्वभाविक है मानव अनादि काल से ही सुख की खोज में लगा हुआ है ! परंतु उसकी यह चाह अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई,आध्यात्मिकता के क्षेत्र में कई उतार-चढ़ाव समय समय पर होते आये है वास्तव में देखा जाए तो आध्यात्मिकता के क्षेत्र में आज भी हम माइनस जीरो है !जहाँ आज साइंस और टेक्नोलॉजी का बोलबाला है वही आज वही आध्यात्मिकता  बिल्कुल जर्जर अवस्था अपनी अंतिम स्वासगिन रही है कारण आज लाखों-करोड़ों गुरुओं की भरमार है कोई  भी धर्म को पुनर्स्थापित करने में सफल नहीं हुआ नकली धर्मगुरुओं के द्वारा बताई गई भक्ति विधि से श्रद्धालुओं को कोई लाभ प्राप्त नहीं होता परिणाम स्वरुप वह नास्तिक हो जाता है! सुख प्राप्त करने के लिए और धनवान बनने के लिए अनैतिक अनुचित तरीके अपनाता है जिससे मानव  कुछ समय बाद उसके जीवन में दुखों का दरिया बह चलता है !
कहते हैं हर दर्द की दवा होती है बस उसे ढूंढने वाला चाहिए आध्यात्मिक क्षेत्र में सद्गुरु एकमात्र ऐसा वैद्य होता है हर दर्द की दवा जानता है वही आध्यात्मिकता में अभूतपूर्व परिवर्तन लाकर धर्म को पुनः स्थापित करता है जिससे लोगों में आध्यात्मिकता के प्रति रुझान आकर्षण बढ़ता है भगवान पर विश्वास बढ़ने से और सही भक्ति विधि मिलने से सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ! आज इसी कड़ी में संत रामपाल जी का सर्वोच्च स्थान है उन्होंने सभी धर्म शास्त्रों का अध्ययन करके गूढ़ रहस्य जनता को बताया है प्रमाणित ज्ञान को समझ कर सुनकर लाखों करोड़ों की संख्या में उनके अनुयाई होकर धर्म  की ध्वजा को लहरा रहे हैं उन्होंने एक ऐसे समाज की नींव रखी है जो हर तरह की बुराइयों से मुक्त है धर्म और आध्यात्मिकता का पुनरुत्थान करके इंसान को बताया कि भौतिकवाद से आध्यात्मिकता सर्वोच्च और महत्वपूर्ण होती है इस तरह संत रामपाल जी महाराज ने  मानव इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है
  संत रामपाल जी के उपदेश व्यक्तियों को ऐसे अद्भुत लाभ प्राप्त हो रहे हैं जिस का बखान  करना धारावाहिक बोलना जैसा है! भक्त समाज को  नया आध्यात्मिक ज्ञान,नइ भक्ति विधि देकर उन्होंने मानव समाज के ऊपर मानव समाज के ऊपर महान परोपकार किया है उनके आध्यात्मिक प्रवचन से पता चलता है कि ऐसा अद्वितीय ज्ञान आज तक पृथ्वी पर किसी ने नहीं दिया यदि संत रामपाल जी इस धरती पर नहीं आते तो 10,20 सालों में मानव की वह दुर्दशा हो जाती इसका वर्णन करना भी रूह कपाने वाला है सचमुच आप जब इस चीज का विश्लेषण और अध्ययन करेंगे तो आपको पता चलेगा कि संत रामपाल जी महामानव और साक्षात परमात्मा के अवतार हैं उनके दिव्य मंत्रों की शक्ति इतनी प्रभावशाली है कि व्यक्ति को आध्यात्मिक, भौतिक ,शारीरिक, दैविक अन्य सभी प्रकार के लाभ होते हैं इनके आध्यात्मिक प्रवचन आप रोजाना साधना टीवी पर 7:30 से शाम को देख सकते हैं अधिक जानकारी के लिए देखें
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life-threatening illness.

 हर इंसान जीवन में सुखी रहना चाहता है! वह नहीं चाहता कि उसे कोई रोग से पीड़ित होकर नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाए, परंतु पिछले पाप  कर्मों के कारण कोई न कोई रोग आ ही जाता है और फिर वह डॉक्टरों के पास जाकर दवाई के सहारे अपना जीवन जीने के लिए विवश हो जाता है! फिर भी वह आजीवन पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पाता, कारण उसे इस रोग से छुटकारा दिलाने के रास्ते का पूर्ण ज्ञान नहीं, जब डॉक्टर भी किसी रोग का इलाज करने में असमर्था  दर्शाते हैं तो वह डाक्टर भी भगवान का सहारा लेने के लिये मरीज से कह देते हैं! लेकिन क्या कभी सोचा है कि वह भगवान कौन है ? जो हमें सारे दुखों बीमारियों से मुक्ति दिला सकता है ?
 आज इस भयंकर जानलेवाा बीमारी छुटकारा मिले इसीलिए मनुष्य डॉक्टरों के पास तो जाता है इलाज करवाना जारी रखता है साथ साथ वह गांव नगर के सियानेे, झाड़-फूंक कर वालों केे पास भी जाकर अपना दुख निवारण करने की उसमें लगा रहता है ! देश-विदेस अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहुत सारे सामाजिक संगठन एनजीओ और उदार दिलवाले सेठ, साहूकार इन सब के द्वारा भी निशुल्क हॉस्पिटल इलाज अन्य मानवीय सहायता  दी जाती है! जब व्यक्ति पूर्ण रूप से हार और थक लेता है तब उसे  सभी जगह से डॉक्टर जवाब देेेेेे देते हैं तो उसे फिर  सहारा नजर आता है God 
कहते हैं "जहां राह वहां चाह" जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तब परमात्मा का दरवाजा सदा सबके लिए खुला रहता है ! और यही होता है उस समय दुखीयों के लिए, पीड़ित के लिए आखिरी उम्मीद की किरण भगवान ही होता है! फिर वह परमात्मा के  दरवाजे को खटखटाता है! आज पूरे विश्व में यदि कोई छाती ठोक कर ढोल के डंके की चोट पर सभी बीमारियों से छुटकारा दिलाने का वादा करता है और सर्व सुख देने का भी वादा करता है तो वह कोई और नहीं साक्षात सद्गुरु रूप में विराजमान कबीर साहिब के अवतार संत रामपाल जी हैं! इनके लाखों-करोड़ों अनुयायियों को उनके (संत रामपाल जी)द्वारा बताइए सत भक्ति मार्ग से ऐसे अद्भुत अद्वितीय लाभ हो रहे हैं जो साइंस भी नहीं कर सकती, ऐसे बीमारियों से भी छुटकारा प्राप्त किया है जैसे एड्स कैंसर migraine अन्य बीमारियां से मुक्ति मिली है ! पूरे विश्व में आज नाना प्रकार की बीमारी जन्म ले चुकी है उन्ही रोग मे से एक वर्तमान में कोरोना महामारी, से पूरा विश्व जूझ रहा है मात्र संत रामपाल जी ही इस तरह की बीमारी से पूर्ण रूप से छुटकारा दिलवा सकते हैं उनकी शरण में आने से और भक्ति विधि को अपनाकर मर्यादा भक्ति करने से सभी  प्रकार के दुख, रोग का निवारण हो सकता है आज हर व्यक्ति सोशल मीडिया के द्वारा टीवी टेलीविजन कंप्यूटर के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ा हुआ है और तमाम प्रकार की जानकारियां सेकंडो प्राप्त हो जाती हैं तो आप भी अगर संत रामपाल जी से लाभ लेना चाहते हैं तो रोजाना शाम को 7:30 बजे से साधना टीवी पर सत्संग सुनिए  और उनकी web side  जगत गुरु संत रामपाल जी
पर विजिट कीजिए आपको सारी जानकारी वहां उपलब्ध हो जाएगी

 सत साहिब

Thursday, May 7, 2020

आध्यात्मिकता

 बिना ज्ञान हुये किसी के बारे में नहीं जान सकते !जिसको ज्ञान नहीं होता वह पशु के तुल्य ही माना जाता है ! ज्ञान कई प्रकार का होता है जिस भी क्षेत्र को जानना चाहते हो उसके बारे में ज्ञान होना अति आवश्यक है तभी हम उसके बारे में भली-भांति जान सकते हैं !आज हम आध्यात्मिक ज्ञान के बारे में संक्षेप में बताएंगे, आध्यात्मिक अर्थात भगवान के बारे में जानकारी मनुष्य जब से समझदार हुआ है उसे अपने बारे में और फिर स्वयं  को उत्पन्न करने वाले के बारे में जानने की जिज्ञासा आदिकाल से ही रही है ! इस क्षेत्र में वह  प्रयत्न भी करता आ रहा है परंतु उसे पूर्ण सफलता नहीं मिली, उसकी अभी तक इस क्षेत्र में अधूरी ही जानकारी प्राप्त है, आध्यात्मिक मार्ग परमात्मा का होता है और कंप्लीट आध्यात्मिक जानकारी वही भगवान सही-सही बता सकता है जिसने यह सृष्टि बनाई है!



संत शिरोमणि कबीर साहेब ने इस आध्यात्मिक ज्ञान को चरम सीमा पर पहुंचाया है! आज जितने भी दार्शनिक हो ज्ञानी, मुनि,संत जन हो अन्य कोई विद्वान हो इन सब के ज्ञान में कबीर साहिब जी  का आध्यात्मिक  सर्वोच्च स्थान प्राप्त है  भगवान कौन हैं?वह कहां रहता है? किस किसने देखा है? उसे प्राप्त करने की विधि क्या है? और उसके प्रमाण कहां है ? आत्मा कौन हैं ? कहां से आई है ? इसे जन्म मृत्यु का रोग कहां,कब से लगा है ?इस प्रकार से ढेरों प्रश्न इस आध्यात्मिकता से जुड़े हुए हैं,इन सब का सही और सटीक प्रमाणिक उत्तर कबीर साहेब द्वारा अपने आध्यात्मिक ज्ञान में आज से 600 वर्ष पहले लोकोक्तियां,कविताओं,कबीर दोहों के माध्यम से दिया !

था जब उनके ज्ञान रिसर्च किया जाता है तो पता लगता है कि उनका ज्ञान गूढ़ रहस्यों से परिपूर्ण है और सर्वोपरि है उन्होंने ऐसा ज्ञान दिया जो विज्ञान से भी परे हैं! प्रमाणिकता और सत्यता पर खरा उतरता है !आध्यात्मिकता की उच्चता हमेशा से ही रही है आध्यात्मिक ज्ञान में सृष्टि रचना से लेकर वर्तमान और आगे भविष्य की कंप्लीट जानकारी विद्यमान है ! कबीर साहिब द्वारा दिया गया आध्यात्मिक ज्ञान ऐसा है की  मूर्ख व्यक्ति की बुद्धि में आने वाला नहीं है और ज्ञानी विद्वान व्यक्ति उसके ज्ञान को सुनकर समझ कर हृदय से लगा लेता है  आगे की जानकारी अगले ब्लॉक में मिलेगी....
 धन्यवाद

शास्त्र विरुद्ध साधना करने वाला मूर्ख होता है

प्रश्न-(कबीर साहेब का) :- आप जी के पूज्य देव श्री कृष्ण अर्थात् श्री विष्णु हैं। उनका बताया भक्ति ज्ञान गीता शास्त्र है।

उदाहरण:-
 एक किसान को वृद्धावस्था में पुत्रा प्राप्त हुआ। किसान ने विचार किया कि जब तक पुत्र कृषि करने योग्य होगा, तब तक मेरी मृत्यु हो जाएगी। इसलिए उसने कृषि करने का तरीका अपना अनुभव एक बही (रजिस्टर) में लिख दिया। अपने पुत्रा से कहा कि बेटा जब आप युवा हो जाओ तो मेरे इस रजिस्टर में लिखे अनुभव को बार-2  पढ़ना। इसके अनुसार फसल बोना। कुछ दिन पश्चात् पिता की मृत्यु हो गई, पुत्रा प्रतिदिन अपने पिता के अनुभव का पाठ करने लगा। परन्तु फसल का बीज व बिजाई, सिंचाई उस अनुभव के विपरित करता था। तो क्या वह पुत्रा अपने कृषि के कार्य में सफलता प्राप्त करेगा?
उत्तर : (धर्मदास का) : इस प्रकार तो पुत्र निर्धन हो जाएगा। उसको तो पिता के लिखे अनुभव के अनुसार प्रत्येक कार्य करना चाहिए। वह तो मूर्ख पुत्र है।


प्रश्न : (कबीर साहेब का) हे धर्मदास जी! गीता शास्त्र आप के परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का अनुभव तथा आपको आदेश है कि इस गीता शास्त्र में लिखे मेरे अनुभव को पढ़कर इसके अनुसार भक्ति क्रिया करोगे तो मोक्ष प्राप्त करोगे। क्या आप जी गीता में लिखे श्री कृष्ण जी के आदेशानुसार भक्ति कर रहे हो? क्या गीता में वे मन्त्र जाप करने के लिए लिखा है जो आप जी के गुरुजी ने आप जी को जाप करने के लिए दिए हैं? (हरे राम-हरे राम, राम-राम हरे-हरे, हरे कृष्णा-हरे कृष्णा, कृष्ण-कृष्ण हरे-हरे, ओम नमः शिवाय, ओम भगवते वासुदेवाय नमः, राधे-राधे श्याम मिलादे, गायत्रि मन्त्र तथा विष्णु सहंस्रनाम) क्या गीता जी में एकादशी का व्रत करने तथा श्राद्ध कर्म करने, पिण्डोदक क्रिया करने का आदेश है?
उत्तर :- (धर्मदास जी का) नहीं है।
प्रश्न :- (कबीर साहेब जी का) फिर आप जी तो उस किसान के पुत्रा वाला ही कार्य कर रहे हो जो पिता की आज्ञा की अवहेलना करके मनमानी विधि से गलत बीज गलत समय पर फसल बीजकर मूर्खता का प्रमाण दे रहा है। जिसे आपने मूर्ख कहा है। क्या आप जी उस किसान के मूर्ख पुत्रा से कम हैं?

 उत्तर : (कबीर जी ) हे धर्मदास जी! मैं कुछ नहीं कह रहा, आपके धर्मग्रन्थ कह रहे हैं कि आपके धर्म के धर्मगुरु आप जी को शास्त्राविधि त्यागकर मनमाना आचरण करवा रहे हैं जो आपकी गीता के अध्याय  16  श्लोक  23-24  में भी कहा है कि हे अर्जुन! जो साधक शास्त्रा विधि को त्यागकर मनमाना आचरण कर रहा है अर्थात् मनमाने मन्त्रा जाप कर रहा है, मनमाने श्राद्ध कर्म व पिण्डोदक कर्म व व्रत आदि कर रहा है, उसको न तो कोई सिद्धि प्राप्त हो सकती, न सुख ही प्राप्त होगा और न गति अर्थात् मुक्ति मिलेगी, इसलिए व्यर्थ है। गीता अध्याय  16  श्लोक  24  में कहा है कि इससे तेरे लिए कर्त्तव्य अर्थात् जो भक्ति कर्म करने चाहिए तथा अकर्त्तव्य (जो भक्ति कर्म न करने चाहिए) की व्यवस्था में शास्त्र ही प्रमाण हैं। उन शास्त्रों में बताए भक्ति कर्म को करने से ही लाभ होगा।
मेरे प्यारे साथियों  आज संसार में यही हो रहा है जो उपरोक्त उदाहरण में बताया गया है भले ही आप किसी कारणवश इस सच्चाई को स्वीकार ना करें, परंतु यही सत्य है, एक अटल सत्य यह है कि वर्तमान में सही भक्ति विधि शास्त्र के अनुकूल भक्ति साधना वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज बता रहे हैं
 इसीलिए जल्द से जल्द इस ज्ञान को  समझे और संत रामपाल जी की शरण ग्रहण करें अपना कल्याण करें अधिक जानकारी के लिए आप ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़ सकते हैं और शाम को रोजाना 7:30 बजे से साधना टीवी देख सकते हैं
                                                               🙏 
                                                            सत साहेब

Wednesday, May 6, 2020

मानव जीवन का मूल उद्देश्य

जैसा कि सभी जानते हैं हर किसी का कोई न कोई उद्देश्य जरूर होता है उस उद्देश्य पूर्ति के लिए वह जीवन भर लगा रहता है जिसको जैसा ज्ञान प्राप्त है वह उसी हिसाब से अपना उद्देश लेकर जी रहा होता है आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इस मानव जीवन का  मूल उद्देश्य  सत्य भक्ति करके जन्म मरण के दीर्घरोग से छुटकारा प्राप्त करना है मानव जीवन की कीमत  संत शिरोमणि कबीर साहिब ने बहुत ही विस्तार से बताया है

Story of struggle of Sant Rampal Ji

संघर्ष इतिहास उन्हें महापुरुषों का लिखा जाता है जिन्होंने कठोर संघर्ष किया होता है ! संघर्ष किए बिना किसी को भी आज तक अपने मुख्य उद्देश क...