Holy Scriptures

Wednesday, July 8, 2020

Story of struggle of Sant Rampal Ji

संघर्ष
इतिहास उन्हें महापुरुषों का लिखा जाता है जिन्होंने कठोर संघर्ष किया होता है ! संघर्ष किए बिना किसी को भी आज तक अपने मुख्य उद्देश की प्राप्ती नहीं हुई ! अलग-अलग महापुरुषों की अलग-अलग क्षेत्र की अपनी अपनी एक विशेष कहानी होती है, हम सब ने बहुत सारे  सुप्रसिद्ध व्यक्तियों की संघर्ष की कहानी पड़ी है; जैसे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी भूतपूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक, आदरणीय नानक देवजी सिख धर्म के प्रवर्तक, भक्त शिरोमणि मीराबाई जी और भी बहुत सारे अपने अपने क्षेत्र के महापुरुष हुए हैं,आज इसी कड़ी में एक महान दिव्य महापुरुष की कहानी से आपको रूबरू कराएंगे, जो वर्तमान में एक लीला में तरीके से जारी है,जिसे आने वाले मानव इतिहास में सर्वश्रेष्ठ संघर्ष की कहानियों में जाना और  माना जाएगा ! इस संघर्ष से केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि संपूर्ण सृष्टि का भला होगा यह संघर्ष की कहानी है आध्यात्मिक क्षेत्र के दिव्य महापुरुष संत रामपाल जी महाराज
                           


 की जी हां, दोस्तों इनकी संघर्ष की कहानी को जब आप जानोगे तो आंखों से अश्रु धारा स्वत ही बह चलेगी, संत रामपाल जी का जीवन  8 सितंबर 1951 से प्रारंभ होता है  यह वह दौर था जब भारत में शिक्षा का शुभारंभ हुआ था! शिक्षा ग्रहण करके आगे चलकर सिंचाई विभाग में इंजीनियर  पद पर तैनात हुए ! युगों युगों और जन्म जन्मांतरओ के शुभ प्रबल भक्ति संस्कार की बदौलत के कारण आध्यात्मिक मार्ग में विशेष रुझान बना रहा और इसी मार्ग में आगे चलकर फरवरी माह 1988 में स्वामी रामदेवानंद जी कबीरपंथी गुरुजी से दीक्षित हुए और यहीं से शुरू होती है उनकी आध्यात्मिक संघर्ष की कहानी; ज्ञान को समझकर भक्ति मैं विशेस सुरुचि और दृढ़ता के साथ नेम मर्यादा में रहते हुए देखकर भक्ति करने से स्वामी रामदेवानंद गुरु महाराज ने 1994  संत रामपाल जी महाराज को संगत को नाम दान देने का आशीर्वाद और आज्ञा दे दी, गुरुजी के आज्ञा को मानते हुए दिन रात एक करके भक्ति की और संगत में कबीर परमेश्वर के ज्ञान को खुब प्रचार प्रसार किया, कबीर परमेश्वर का ज्ञान जगत की परंपराओं और पाखंड वाद पर कुठाराघात करता है इसीलिए विरोध होना स्वभाविक था, धीरे-धीरे विरोध भी होता गया और संगत भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी गांव गांव में घर घर जाकर गरीब दास जी महाराज के  *सद ग्रंथ साहिब* का पाठ करना भक्ति की सही विधि बताना और नेम मर्यादा सुदृढ़ करना, जिससे साधकों को विशेष अद्वितीय आध्यात्मिक, शारीरिक, भौतिक,  मानसिक,और आर्थिक व अन्य सभी प्रकार के लाभ होने लगे और उनकी संगत बढ़ने लगी अनुयायियों को विशेष हिदायत दी गई कि आपको नियम मर्यादा में रहकर भक्ति करनी होगी तभी लाभ होंगे नियम मर्यादा जगत के लोगों को अच्छी नहीं लगी संत रामपाल जी के द्वारा बताई गई भक्ति विधि शास्त्र अनुकूल एवं प्रमाणित  है जबकि समाज में प्रचलित भक्ति विधि शास्त्र विरुद्ध बिना सिर पैर की  और शास्त्र विरुद्ध थी जिससे  किसी को कोई लाभ होने वाला नहीं है ! संत रामपाल जी ने वेद शास्त्र गीता, बाइबल, कुरान शरीफ, गुरु ग्रंथ साहिब अन्य सभी का प्रमाण देकर बताने लगे लोग आश्चर्यचकित होकर  देखकर इस वक्त विधि को अपनाने लगे 2001  बाद एक दयानंद सरस्वती नाम के आर्य समाजी महर्षि के  सत्यार्थ प्रकाश को जब गहराई से अध्ययन किया तो पाया कि यह शास्त्रों के बिल्कुल विपरीत है और समाज में बिल्कुल लागू नहीं किया जाता ऐसी गलत और बेखुदी बातें इस सत्य प्रकाश में लिखी हुई थी, लेकिन जनता इन चीजों से अनभिज्ञ थी संत रामपाल जी ने समाचार पत्रों के माध्यम से टीवी, सीडी के माध्यम से, चैनलों के माध्यम से वेदों से तुलना करके सत्यार्थ प्रकाश की पोल खोल दी, यह बात आर्यसमाज को बिल्कुल पसंद नहीं आई  क्योंकि वे  दयानंद सरस्वती के सत्यार्थ प्रकाश को बेचकर अपना रोटी रोजी चला रहे थे इसीलिए उनको यह बात रास नहीं आई रोहतक हरियाणा का आर्य समाजीयो का प्रमुख गढ़ है, और तत्कालीन मुख्यमंत्री भी आर्य समाजी था जिसका नाम था भूपेंद्र सिंह हुड्डा था, एक विशेष षड्यंत्र के तहत आर्य समाजियो ने जुलाई  2006 में
                               



 आस-पास के गांव में मीटिंग और आयोजन करके गलत और बुरी बातें संत रामपाल जी और आश्रम करोंथा में  प्रसारित प्रचारित कर दी

                             


जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं था लोगों ने उनके बहकावे में आकर सरकार को अपने पक्ष में कर कर भोली भाली जनता को गुमराह करके हजारों लोगों के साथ घातक हथियार लेकर करोथा आश्रम वह संत रामपाल जी और उसमें सत्संग सुनने आए श्रद्धालुओं के ऊपर धावा बोल दिया आखिर में रिजल्ट यह हुआ  करोंथा आश्रम  को  बंद करवा दिया एवं सत्संग सुनने आए श्रद्धालुओं विशेष रुप से प्रताड़ित एवं यातना देकर सताया गया साथ में झूठे आरोप संत रामपाल जी ऊपर  लगाकर जेल भेज दिया गया  22  महीने जेल में रहकर संत रामपाल जी फिर से अपने मिशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए बरवाला आश्रम में आ गए उनके प्रचार प्रसार तब तक देश दुनिया में फैल चुका था उनके अचूक और प्रमाणिक ज्ञान को देखकर अज्ञान निद्रा में सोए हुए भक्ति की प्यासी आत्माए तब तक जाग चुकी थी उमड़ घुमड़ कर दूर-दूर से श्रद्धालु संत रामपाल जी की शरण में आने लगे उनके मिशन में अब तक बहुत ज्यादा वृद्धि हो चुकी थी उनका ज्ञान विदेशों में जा चुका था उधर एक तरफ विरोध भी बढ़ता चला गया  तब से लेकर वर्तमान तक 2020  तक संत रामपाल जी  झूठे केस के मुकदमे चलते  वह आ रहे हैं परंतु उनके अनुयाई हजारों लाखों की संख्या में हो चुके थे इस ज्ञान  को  उनके शिष्य तो इस गांव गांव गली गली शहर शहर हर जन जन तक पहुंचाने लगे अब ज्ञान की इतनी रफ्तार हो चुकी थी जैसे बुलेट ट्रेन हो इस ज्ञान की आंधी और तूफान को रोकना असंभव था 2009 में भारत के शंकरा चारों को आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा के लिए आमंत्रित किया लेकिन वह किसी कारण इस ज्ञान चर्चा में भाग नहीं ले सके परंतु संत रामपाल जी ने उनके ज्ञान को वेद शास्त्रों पुराणों से तुलना करके जनता को रूबरू करा दिया सन 2012 में पूरे विश्व मैं अपना ज्ञान का झंडा गाड़ दिया सभी विश्व के सभी धर्म गुरुओं को आध्यात्मिक ज्ञान चर्चा के लिए आमंत्रित किया लेकिन सभी नकली धर्मगुरु जान चुके थे कि संत रामपाल जी के ज्ञान के आगे वह पल भर भी नहीं ठहर सकते इसीलिए वह सारे नकली धर्मगुरु सामने ना आकर छुप कर बैठ गए संत रामपाल जी ने उनके ज्ञान की लिखी पुस्तकों और वीडियो सत्संग के द्वारा उनके अज्ञान की खाल उतार कर जनता के सामने प्रस्तुत कर दिया संत रामपाल जी ने पुस्तकों और डीवीडी के माध्यम से टीवी समाचार पत्रों के माध्यम से यह ज्ञान जनता तक पहुंचाया जनता उमड़ घुमड़  कर लाखों की संख्या में सतलोक आश्रम बरवाला
 में आने लगे उनके मिशन में अब अभूतपूर्व वृद्धि होने लगी उधर पहले से ही चल रहे झूठे केसों के लिए संत रामपाल जी को कोर्ट में बुलाने के लिए सन 2014 में एक फिर से षड्यंत्र रचा और इस षड्यंत्र में सभी नकली धर्मगुरु  राजनीतिक लोगों का सहारा लेकर कामयाब हो गए यह विश्व का वह ऐतिहासिक दिन था जिसकी तुलना महाभारत या रावण राम के युद्ध से की जा सकती है एक तरफ निहत्थे संत रामपाल जी के अनुयाई अपने झूठे केसों की सीबीआई जांच के लिए हाथों में तख्तियां लिए हुए आश्रम के बाहर भीतर शांति पूर्वक बैठकर तत्कालीन सरकार से गुहार कर रहे थे कि हमारे सभी झूठे केसों की सीबीआई जांच हो परंतु सरकार को नकली धर्मगुरु से मिलकर कुछ और ही करना था जहां 1999 में 40000 कमांडो की फोर्स पाकिस्तान की फौज के विरुद्ध लड़ाई लेने के लिए कारगिल युद्ध में भेजी गई ठीक इतनी संख्या में एक निर्दोष संत को कोर्ट में पेश करने के लिए जो कि पहले से ही बीमार चल रहे थे उसका सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा कर चुके थे फिर भी जबरदस्ती पूर्वक  उनके मिशन को चकनाचूर करने के उद्देश्य जनकल्याण और समाज सुधार के अभूतपूर्व अद्वितीय  मिशन को जड़ से खत्म करने के लिए प्रशासन ने सतलोक आश्रम बरवाला

                       



पर  धावा बोल दिया  जिसमें एक्सपायर आंसू गैस के गोले संख्या से ज्यादा बेशुमार  और  जहरीली गैस नवंबर की ठिठूर्ती ठण्ड मे केमिकल युक्त आश्रम के बाहर बैठी संगत  संगत में छोड़ा गया हजारों की तादात में हथियारबंद पुलिस कर्मियों द्वारा आश्रम के अंदर आंसू गैस के गोले लोहे एवं प्लास्टिक की गोलियां संगत पर अंधाधुंध बेशुमार तरीके से बरसाई गई सैकड़ों की तादात में जे सी बी से चारों तरफ आश्रम को ढाया जा रहा था बाहर से कोई भी सामान आने जाने नहीं दिया जा रहा था लगभग आठ 10 दिन पहले बिजली सप्लाई बंद कर दी बाहर से आने वाला खाद्य सामग्री बंद कर दी दवाई गोलियां जो मरीजों के लिए आती थी वही बंद कर दी  में संत रामपाल जी को जेल में भेज दिया गया साथ में  उनके उधर आश्रम के अंदर भूख प्यास पानी से बीमारी से तड़प रहेसंत रामपाल जी के अनुयाई बच्चे बूढ़े बुजुर्ग  सब तड़प रहे थे हर संभव  प्रयास किया सरकार से गुहार लगाई फोन किए ईमेल किए  लेकिन कोई सुनवाई नहीं आखिर इस खूनी संघर्ष में निर्दोष छह भाई-बहनों  सहित  जान गवानी पड़ी और यह केस भी संत रामपाल जी पर मढ़ दिया और हजारों की तादात में भक्तों के ऊपर देशद्रोह जैसे गंभीर कानून धारा लगाकर जेल में डाल दिया गया आखिरकार संत रामपाल जी बीमारी की हालत में देशद्रोही और भी गंभीर आरोप लगाकर जेल में उन्हें भी डाल दिया गया और भक्तों को मारा पीटा गया गया हजारों गयाइतिहास में पहली बार  संत जी और उनके अनुयायियों पर ऐसी धाराएं लगाई गई जो  किसी पर नहीं लगाई गई इतना बड़ा  झूठ का पुलिंदा तैयार किया गया के  5000 पेजों की  झूठी रिपोर्ट  तत्कालीन  सरकार द्वारा  कोर्ट में पेश की गई कई हालांकि अब तक कई केसों में बाइज्जत बरी  भी हुए हैं अब समाज में संत रामपाल जी के द्वारा दिया गया शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना प्रचंड आंधी तूफान की तरह उठ चुकी थी उसे रोकना अब किसी के बस की बात नहीं थी संत रामपाल जी के मिशन को बिल्कुल खत्म करने का उनका उद्देश्य था परंतु वे अ ज्ञानी नकली धर्म गुरु इस बात से अनभिज्ञ थे के यह कबीर परमेश्वर का चलाया हुआ मिशन था जो पहले से ही निर्धारित था जो सफल होकर ही रहेगा दर्जनों विश्व भर के सुप्रसिद्ध भविष्य वक्ताओं ने भी पहले से ही भविष्यवाणी कर रखी थी इस मिशन और इस भक्ति विधि इस महापुरुष के बारे में वॉल था जो सत्य साबित हो रहा था सन 2014 से सन जुलाई 2020 वर्तमान तक संघर्ष जारी है अब इस संघर्ष में चमत्कारिक परिवर्तन आने वाला है संत रामपाल जी एक आम इंसान नहीं है वह साक्षात कबीर परमेश्वर है यह बात जब आप जानोगे ज्ञान के माध्यम से जनोगे तो आप भी आश्चर्यचकित हो रह जाओगे और तुरंत संत रामपाल जी की शरण ग्रहण करके अपना जीवन सफल बना ओगे उनके ज्ञान को समझ कर उन्हें पहचाना और जाना जा सकता है यदि आप भी संत रामपाल जी की शरण ग्रहण करना चाहते हैं उन्हें जानना चाहते हैं तो आज ही संत रामपाल जी का जो सत्संग साधना टीवी पर शाम को  7:30 से 8:30  बजे तक आता है उसे देखना प्रारंभ कीजिए सत साहेब  और इंटरनेट पर जगत गुरु संत रामपाल जी सर्च कीजिए
   
www.jagatgururampalji.org

Wednesday, July 1, 2020

असली ब्राह्मण कौन
                                 

 सही मायने में ब्राह्मण शब्द विद्वान के लिए प्रयुक्त किया जाता है वास्तव में जो भगवान के ज्ञान से परिचित है वही ब्राह्मण कहलाने योग्य है ! आज वर्तमान में एक जाति विशेष ब्राह्मण वर्ग है उसे ही ब्राह्मण कहते हैं जो बिल्कुल गलत है; कबीर साहिब ने ब्राह्मण और पंडित की परिभाषा बड़े ही सरल ढंग  से जनमानस को समझाया है ! ब्राह्मण वही जो ब्रह्म ब्रह्म को जाने अर्थात जो व्यक्ति ब्रह्म (God) भगवान के बारे में कंप्लीट जानकारी रखता है वही वास्तव में ब्राह्मण है, पंडित वही जो पिंड की जाने पिंड का अर्थ इस शरीर से है इसे संत भाषा में पिंड कहते हैं अर्थात जो मानव शरीर के बारे में जानता है,जैसे कि भगवानों का वास मानव शरीर में किस स्थान पर होता है? कितने कमल चक्कर है ? उनके मंत्र क्या है? उनकी सही साधना कैसे की जाती है ? इस मानव शरीर में परमात्मा दिखाई देता है इस तरह की काफी जानकारियां जो जानता है वह वास्तव में पंडित कहलाने योग्य है! पुराने समय में जो व्यक्ति काशी विद्यापीठ शहर से पढ़कर आता था एवं सभी शास्त्रों का जानकार होता था उसे लोग पंडित या ब्राह्मण कहते थे !उसे एक उपाधि दी जाती थी "पंडित" की लेकिन धीरे-धीरे आगे चलकर यही एक परंपरा बन गई आज  उसी  परंपरा  के तहत ब्राह्मण या पंडित कहे जाते हैं जैसे  कोई व्यक्ति अच्छा वैद्य था वह किसी की भी नाडी (नब्ज)पकड़ कर अमुक रोग बता देता था और उसके अनुसार उसे औषधि भी बता कर उसे स्वस्थ कर देता था और वह वैद्य नाम से प्रसिद्ध हो  गया वह अपने पीछे सरनेम वैद्य लगाने लगा इस नाम से उसे आसपास के क्षेत्र में जानते थे उसके वंशज भी उस सरनेम को अपने नाम के पीछे लगाने लगे! लेकिन वास्तव में वैद्य नहीं थे खोल रखी है पर चुने की दुकान जानता नहीं पेट के दर्द की अपने नाम के लिखवा रखा है "फलाना रामवैद्य की दुकान" लगा रखा है उसी प्रसिद्ध  रामनाथ वैद्य के अन्य वंशज ने कपड़े की दुकान खोल रखी है फिर भी अपने नाम के पीछे वैद्य लगा रखा है जबकि वास्तव में वैद्य उसके पिताजी थे उसके पूर्वज थे लेकिन आज भी वह वैद्य के नाम से जाने जाते हैं ठीक इसी प्रकार वर्तमान में जितने भी ब्राह्मण पंडित हैं और जो भगवान की बारे में ए बी सी डी भी नहीं जानते वह ब्राह्मण या पंडित नहीं है वह एक केवल सरनाम लगाए हुए हैं वर्तमान समय में संत रामपाल जी वास्तव में ब्राह्मण और पंडित हैं और उनके अनुयाई जो भगवान के बारे में कंपलीटली जानकारी रखते हैं वेद शास्त्रों के अनुसार भक्ति साधना करते हैं वही वास्तव में पंडित या ब्राह्मण कहलाने योग्य हैं कर्मकांडी ब्राह्मण जो श्राद्ध पित्र पूजा इत्यादि निकालते हैं पिंडदान करवाते हैं  वे वास्तव में नकली ब्राह्मण पंडित हैं

                                 


 क्योंकि उनको शास्त्र का ठीक से ज्ञान ना होने के कारण शास्त्र विरुद्ध साधना स्वयं करते हैं और अपने अनुयायियों से करवाते हैं जिससे उनके अनमोल मानव जीवन नष्ट हो रहा है और बहुत बड़े पाप के भागी हो रहे हैं समझदार जनता को चाहिए कि संत रामपाल जी महाराज के द्वारा दिए गए अनमोल ज्ञान को पहचान कर अपने शास्त्रों से मिलान करके तुरंत नकली धर्मगुरुओं आचार्यों को त्याग कर सच्चे संत की शरण ग्रहण करके अपना मानव जीवन का जो मूल उद्देश्य है भक्ति करना उस पर  दृढ़ता से लग जाए जिससे उनका जीवन  रक्षा भी होगी और भगवान की प्राप्ति भी होगी मोक्ष भी सहज में प्राप्त होगा


                               


 संत रामपाल जी विश्व में एकमात्र ऐसे तत्वदर्शी संत हैं जो सभी शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना निशुल्क प्रदान करते हैं जिससे उनको अनुयायियों को अभूतपूर्व अद्वितीय आध्यात्मिक शारीरिक मानसिक दैविक भौतिक आर्थिक सभी प्रकार के लाभ हो रहे हैं cancer AIDS अन्य जानलेवा बीमारी  भी ठीक हो जाती है जब कोई संत रामपाल जी के बताए अनुसार भक्ति करता है मर्यादा में रहकर तो उनके संकट मिट जाते हैं आप सभी से निवेदन है एक बार संत रामपाल जी का ज्ञान जरूर सुनें और समझें अधिक जानकारी के लिए आप साधना टीवी पर 7:30 से 8:30 बजे तक रोजाना शाम को टीवी देखें  और सर्च करें
           www.jagatgururampalji.org

इंटरनेट पर जगतगुरु रामपाल जी महाराज

सत साहेब

Wednesday, June 17, 2020

Bible

Bible

जैसे हिंदुओं का वेद गीता प्रमाणिक और पवित्र ग्रंथ माने जाते हैं उसी प्रकार ईसाईयों का पवित्र बाइबल प्रमाणिक आधारभूत ग्रंथ माना जाता है बाईबिल में परमात्मा व ईसा मसीह केेे बारे मेंउल्लेख किया गया है ! उत्पत्ति ग्रंथ  1:26 उल्लेख है कि "परमेश्वर ने मनुष्य को  अपने स्वरूप के अनुसार  नर नारी करके पैदा किया" इससे स्पष्ट है कि परमात्मा निराकार नहीं है वह  मनुष्य के सदृश्य हैजिसने 6 दिन में सृष्टि रची  सातवें दिन विश्राम किया उसी को पवित्र दिन ठहराया  पृथ्वी पर जितने भी बीज वाले फल है उनको मनुष्य के खाने के लिए दिए पशु पक्षियों के लिए जो भी घास फूस पृथ्वी पर है वह उनके खाने के लिए दिए मांस खाने का आदेश उस सृष्टि रचनहार ने नहीं दिया इससे स्पष्ट हो जाता है वर्तमान में ईसाई धर्म में जो मांस खाने की प्रथा  बना रखी है वह मिथ्या है झूठ है  और परमेश्वर के वचन का उल्लंघन है जिससे परमात्मा के विधान का  उल्लंघन करके पाप के भागी बन रहे हैं 


Wednesday, May 20, 2020

Holy work


  1. गोल गोल तेजी से घूमती पृथ्वी,अंतरिक्ष से जब नजर घुमाई जाती है तो नजरें पवित्र जगह ढूढने की तलाश करती है ! एकाएक निगाहें भारत भूमि के उस पवित्र स्थान पर टिक जाती है जहां से मानवता भलाई के कार्य और सामाजिक सुधारें होते हैं! जहाँ से पवित्रता की खुसबू की महक चारों ओर फैलती है ! जी हां दोस्तों सभी सोच रहे होंगे कि आखिरकार पृथ्वी पर वह पवित्र स्थान कौन सा है जहां से इस तरह के कार्य को  साकार रूप दिया जाता है ! वैसे तो भारत में बहुत से ऐसे स्थान हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और सर्वश्रेष्ठ प्रथम स्थान हरियाणा के हिसार जिले की तहसील बरवाला से पश्चिम देशा से 5km दूर  सतलोक आश्रम स्थित है !  जिसकेे सचालक  संत रामपाल जी महाराज हैं! उनके द्वारा किए गए अथक प्रयास से मानव समाज में एक नई सभ्यता, संस्कृति पवित्र विचारों वाली जन्म ले चुकी है ! उनके सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक विचार एवंं पवित्र कार्यों ने पूरी पृथ्वी पर क्रांति ला कर रखी दी है ! चाहे किसी भी क्षेत्र में देख लो एक तरफ दुनिया  हर तरह की बुराई और बुरे  कार्यों में दिन-रात उत्तरोत्तर वृद्धि कर रहे हैं  तो दूसरी तरफ उनके अनुयाई हर बुराई से कोसों दूर रहते हैं! इस बारे में आपको बिंदु बार संक्षेप में बताना चाहेंगे

 ● सामाजिक कार्य》 
1.हर प्रकार के आडंबर और वे फिजूलखर्ची लोक दिखावा को दरकिनार करते हुए दहेज रहे शादी करना
2. हर प्रकार के नशे (बीड़ी,तंबाकू, शराब, हुक्का,            सुल्फा,अफीम,गांजा इत्यादि) से दूर रहना और उसमें      किसी प्रकार का सहयोग ना देना
3. गरीब,असहाय,अनाथ बच्चे, बुजुर्ग के लिए हर संभव      सहायता प्रदान करना
4. हर प्रकार के दिखावा से दूर रहना
5.जुआ, ताश कभी ना खेलना एवं गौशालाओं के लिए     आर्थिक सहायता देना
6अन्याय के विरोध में न्याय के लिए किसी भी           सामाजिक संगठन का साथ देना
7.सामाजिक कुरीतियों और आडंबओ से दूर रहकर       लोगों को जागरूक करना पाखंडवाद पुरजोर तरीके से     विरोध करना
8.समस्त मानव जाति को एकता के सूत्र में बांधना और     भाईचारा स्थापित करना
9. धर्म,मजहब, संप्रदाय, पंथ की दीवारों को खत्म     करना एवं विश्व को एक परिवार  बनाना इत्यादि



●  धार्मिक सुधारआज यदि धर्म की ध्वजा को किसी ने आसमान में लहराया है तो वर्तमान में संत रामपाल जी का नाम  प्रमुखता से लिया जाता है! संत रामपाल जी महाराज ने धार्मिक क्षेत्र में अद्वितीय दिव्य क्रांति लाई है !उसका यहां पर शब्दों में बांधकर व्याख्या करना लगभग असंभव है ! धर्म की आड़ में मानव का जितना पतन हुआ है उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने उतना ही धार्मिक सुधार करके उसे  एक नया रंग रूप देकर अद्वितीय उत्थान कििया है ! हम कह सकते हैं उन्होंने जो महा परोपकार कार्य किया है  इसके लिए समस्त मानव जाति उनकी सदा ऋणी रहेगी
 


1. शास्त्र विरुद्ध साधना का पर्दाफाश करके शास्त्र अनुकूल साधना मानव समाज को प्रदान करना जिससे सब का अनमोल मानव जीवन सफल हो सके
2.नकली धर्मगुरुओं के अज्ञान की पोल खोलना और     उन्हें निरुत्तर कर देना
3.सभी धर्मों की धार्मिक पवित्र पुस्तकों का गहन अध्यन कर उनके गूढ़ रहस्य को उजागर कर  भक्त समाज के लिए जन जन तक पहुंचाना
4. मोक्ष का मार्ग प्रस्तुत करना  एवं जटिल आध्यात्मिक प्रश्नों का प्रमाण सहित शंका समाधान करना
5.दैविक दैहिक आध्यात्मिक अर्थात तीनों पापों से दुखी व्यक्तियों के लिए कंप्लीट कोर्स प्रदान करना कहने का मतलब
6.तत्वज्ञान की क्रांति लाना,शास्त्र अनुकूल साधना और सही भक्ति विधि मानव मानव समाज को प्रदान करना  7.मोक्ष के दिव्य मंत्र अविष्कार करके मानव जाति के उद्धार के लिए अपने अनुयायियों निशुल्क प्रदान करना
8.उस एक भगवान की खोज करना जो सर्व सुख दाता, सबका परम पिता, परम हितेषी और कष्ट निवारक जो सभी धर्म के  महानुभाव जिसे कहते हैं  भगवान तो एक ही है

इस तरह उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी अनूठी छाप छोड़ी है यदि बात की जाए आर्थिक क्षेत्र तो संत रामपाल जी आवश्यकता से ज्यादा धन इकट्ठा करना  भक्ति मार्ग में विष के समान बताया है! और कहा है कि

कबीर साईं इतना दीजिए, जिसमें कुटुम समाय !
मैं भी भूखा ना रहूं, अतिथि न भूखा जाए !!

 इस सिद्धांत को सबके लिए लागू किया है जिससे व्यक्ति ज्ञान से परिचित होकर बेहिसाब बेसब्री धन इकट्ठा करने की अंधी दौड़ के प्रतिस्पर्धा भागी नही होगे वह कीमती समय अपने भजन सुमिरन सामाजिक सुधार कार्यों में दान धर्म में लगाएंगे जिससे भगवान खुश होकर उनको वह सभी सुख देगा जिसकी उसे जीवन में जरूरत है संत रामपाल जी द्वारा बताई गई भक्ति साधना से ऐसे शास्त्र अनुकूल कार्य करवाए जाते हैं जिससे उनको ईमानदारी से इतना धन मिलेगा जिसकी वह सपने में भी कल्पना नहीं कर सकता संत रामपाल जी वैसे कोई आम इंसान नहीं यह साक्षात पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब ही हैं यह बात आपको तत्वज्ञान  ज्यादा सिद्ध होगी दर्जनों भविष्य वक्ताओं ने संत रामपाल जी के पवित् कार्यों के बारे में भविष्यवाणी की है कहा है कि ऐसा स्वर्ण युग इस धरती पर वह महापुरुष लाएगा कि आज तक मानव जाति ने कभी देखा नहीं होगा हर तरह का सुधार लाकर रख देगा इस धरती को  स्वर्ग में तब्दील कर देगा आज देख लो उनके सामाजिक कार्य और उनके विचार उनका ज्ञान उनके अनुयाई के नियम कायदे आचरण दुनिया से बिल्कुल अलग है कारण सिर्फ एक ही है क्योंकि उन्होंने ज्ञान आभार और भगवान से डर कर जीना शुरु कर दिया है आप भी यदि चाहते हैं समाज में, अपने घर में, देश में,सुधार हो, हर बुराई से दूर हो, तो आप संत रामपाल जी के सत्संग रोजाना साधना टीवी पर शाम को  7:30 बजे से 8:30 बजे तक प्रतिदिन देखना शुरु कर दीजिये अधिक जानकारी के लिए निम्न website Dekhen       
                http://www.jagatgurusaintrampalji.org/

सत साहेब 🙏

Wednesday, May 13, 2020

Resurgence of spiritual

 जीवन चक्र में परिवर्तन होना स्वभाविक है मानव अनादि काल से ही सुख की खोज में लगा हुआ है ! परंतु उसकी यह चाह अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई,आध्यात्मिकता के क्षेत्र में कई उतार-चढ़ाव समय समय पर होते आये है वास्तव में देखा जाए तो आध्यात्मिकता के क्षेत्र में आज भी हम माइनस जीरो है !जहाँ आज साइंस और टेक्नोलॉजी का बोलबाला है वही आज वही आध्यात्मिकता  बिल्कुल जर्जर अवस्था अपनी अंतिम स्वासगिन रही है कारण आज लाखों-करोड़ों गुरुओं की भरमार है कोई  भी धर्म को पुनर्स्थापित करने में सफल नहीं हुआ नकली धर्मगुरुओं के द्वारा बताई गई भक्ति विधि से श्रद्धालुओं को कोई लाभ प्राप्त नहीं होता परिणाम स्वरुप वह नास्तिक हो जाता है! सुख प्राप्त करने के लिए और धनवान बनने के लिए अनैतिक अनुचित तरीके अपनाता है जिससे मानव  कुछ समय बाद उसके जीवन में दुखों का दरिया बह चलता है !
कहते हैं हर दर्द की दवा होती है बस उसे ढूंढने वाला चाहिए आध्यात्मिक क्षेत्र में सद्गुरु एकमात्र ऐसा वैद्य होता है हर दर्द की दवा जानता है वही आध्यात्मिकता में अभूतपूर्व परिवर्तन लाकर धर्म को पुनः स्थापित करता है जिससे लोगों में आध्यात्मिकता के प्रति रुझान आकर्षण बढ़ता है भगवान पर विश्वास बढ़ने से और सही भक्ति विधि मिलने से सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ! आज इसी कड़ी में संत रामपाल जी का सर्वोच्च स्थान है उन्होंने सभी धर्म शास्त्रों का अध्ययन करके गूढ़ रहस्य जनता को बताया है प्रमाणित ज्ञान को समझ कर सुनकर लाखों करोड़ों की संख्या में उनके अनुयाई होकर धर्म  की ध्वजा को लहरा रहे हैं उन्होंने एक ऐसे समाज की नींव रखी है जो हर तरह की बुराइयों से मुक्त है धर्म और आध्यात्मिकता का पुनरुत्थान करके इंसान को बताया कि भौतिकवाद से आध्यात्मिकता सर्वोच्च और महत्वपूर्ण होती है इस तरह संत रामपाल जी महाराज ने  मानव इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है
  संत रामपाल जी के उपदेश व्यक्तियों को ऐसे अद्भुत लाभ प्राप्त हो रहे हैं जिस का बखान  करना धारावाहिक बोलना जैसा है! भक्त समाज को  नया आध्यात्मिक ज्ञान,नइ भक्ति विधि देकर उन्होंने मानव समाज के ऊपर मानव समाज के ऊपर महान परोपकार किया है उनके आध्यात्मिक प्रवचन से पता चलता है कि ऐसा अद्वितीय ज्ञान आज तक पृथ्वी पर किसी ने नहीं दिया यदि संत रामपाल जी इस धरती पर नहीं आते तो 10,20 सालों में मानव की वह दुर्दशा हो जाती इसका वर्णन करना भी रूह कपाने वाला है सचमुच आप जब इस चीज का विश्लेषण और अध्ययन करेंगे तो आपको पता चलेगा कि संत रामपाल जी महामानव और साक्षात परमात्मा के अवतार हैं उनके दिव्य मंत्रों की शक्ति इतनी प्रभावशाली है कि व्यक्ति को आध्यात्मिक, भौतिक ,शारीरिक, दैविक अन्य सभी प्रकार के लाभ होते हैं इनके आध्यात्मिक प्रवचन आप रोजाना साधना टीवी पर 7:30 से शाम को देख सकते हैं अधिक जानकारी के लिए देखें
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life-threatening illness.

 हर इंसान जीवन में सुखी रहना चाहता है! वह नहीं चाहता कि उसे कोई रोग से पीड़ित होकर नर्क जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर हो जाए, परंतु पिछले पाप  कर्मों के कारण कोई न कोई रोग आ ही जाता है और फिर वह डॉक्टरों के पास जाकर दवाई के सहारे अपना जीवन जीने के लिए विवश हो जाता है! फिर भी वह आजीवन पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो पाता, कारण उसे इस रोग से छुटकारा दिलाने के रास्ते का पूर्ण ज्ञान नहीं, जब डॉक्टर भी किसी रोग का इलाज करने में असमर्था  दर्शाते हैं तो वह डाक्टर भी भगवान का सहारा लेने के लिये मरीज से कह देते हैं! लेकिन क्या कभी सोचा है कि वह भगवान कौन है ? जो हमें सारे दुखों बीमारियों से मुक्ति दिला सकता है ?
 आज इस भयंकर जानलेवाा बीमारी छुटकारा मिले इसीलिए मनुष्य डॉक्टरों के पास तो जाता है इलाज करवाना जारी रखता है साथ साथ वह गांव नगर के सियानेे, झाड़-फूंक कर वालों केे पास भी जाकर अपना दुख निवारण करने की उसमें लगा रहता है ! देश-विदेस अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहुत सारे सामाजिक संगठन एनजीओ और उदार दिलवाले सेठ, साहूकार इन सब के द्वारा भी निशुल्क हॉस्पिटल इलाज अन्य मानवीय सहायता  दी जाती है! जब व्यक्ति पूर्ण रूप से हार और थक लेता है तब उसे  सभी जगह से डॉक्टर जवाब देेेेेे देते हैं तो उसे फिर  सहारा नजर आता है God 
कहते हैं "जहां राह वहां चाह" जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तब परमात्मा का दरवाजा सदा सबके लिए खुला रहता है ! और यही होता है उस समय दुखीयों के लिए, पीड़ित के लिए आखिरी उम्मीद की किरण भगवान ही होता है! फिर वह परमात्मा के  दरवाजे को खटखटाता है! आज पूरे विश्व में यदि कोई छाती ठोक कर ढोल के डंके की चोट पर सभी बीमारियों से छुटकारा दिलाने का वादा करता है और सर्व सुख देने का भी वादा करता है तो वह कोई और नहीं साक्षात सद्गुरु रूप में विराजमान कबीर साहिब के अवतार संत रामपाल जी हैं! इनके लाखों-करोड़ों अनुयायियों को उनके (संत रामपाल जी)द्वारा बताइए सत भक्ति मार्ग से ऐसे अद्भुत अद्वितीय लाभ हो रहे हैं जो साइंस भी नहीं कर सकती, ऐसे बीमारियों से भी छुटकारा प्राप्त किया है जैसे एड्स कैंसर migraine अन्य बीमारियां से मुक्ति मिली है ! पूरे विश्व में आज नाना प्रकार की बीमारी जन्म ले चुकी है उन्ही रोग मे से एक वर्तमान में कोरोना महामारी, से पूरा विश्व जूझ रहा है मात्र संत रामपाल जी ही इस तरह की बीमारी से पूर्ण रूप से छुटकारा दिलवा सकते हैं उनकी शरण में आने से और भक्ति विधि को अपनाकर मर्यादा भक्ति करने से सभी  प्रकार के दुख, रोग का निवारण हो सकता है आज हर व्यक्ति सोशल मीडिया के द्वारा टीवी टेलीविजन कंप्यूटर के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ा हुआ है और तमाम प्रकार की जानकारियां सेकंडो प्राप्त हो जाती हैं तो आप भी अगर संत रामपाल जी से लाभ लेना चाहते हैं तो रोजाना शाम को 7:30 बजे से साधना टीवी पर सत्संग सुनिए  और उनकी web side  जगत गुरु संत रामपाल जी
पर विजिट कीजिए आपको सारी जानकारी वहां उपलब्ध हो जाएगी

 सत साहिब

Thursday, May 7, 2020

आध्यात्मिकता

 बिना ज्ञान हुये किसी के बारे में नहीं जान सकते !जिसको ज्ञान नहीं होता वह पशु के तुल्य ही माना जाता है ! ज्ञान कई प्रकार का होता है जिस भी क्षेत्र को जानना चाहते हो उसके बारे में ज्ञान होना अति आवश्यक है तभी हम उसके बारे में भली-भांति जान सकते हैं !आज हम आध्यात्मिक ज्ञान के बारे में संक्षेप में बताएंगे, आध्यात्मिक अर्थात भगवान के बारे में जानकारी मनुष्य जब से समझदार हुआ है उसे अपने बारे में और फिर स्वयं  को उत्पन्न करने वाले के बारे में जानने की जिज्ञासा आदिकाल से ही रही है ! इस क्षेत्र में वह  प्रयत्न भी करता आ रहा है परंतु उसे पूर्ण सफलता नहीं मिली, उसकी अभी तक इस क्षेत्र में अधूरी ही जानकारी प्राप्त है, आध्यात्मिक मार्ग परमात्मा का होता है और कंप्लीट आध्यात्मिक जानकारी वही भगवान सही-सही बता सकता है जिसने यह सृष्टि बनाई है!



संत शिरोमणि कबीर साहेब ने इस आध्यात्मिक ज्ञान को चरम सीमा पर पहुंचाया है! आज जितने भी दार्शनिक हो ज्ञानी, मुनि,संत जन हो अन्य कोई विद्वान हो इन सब के ज्ञान में कबीर साहिब जी  का आध्यात्मिक  सर्वोच्च स्थान प्राप्त है  भगवान कौन हैं?वह कहां रहता है? किस किसने देखा है? उसे प्राप्त करने की विधि क्या है? और उसके प्रमाण कहां है ? आत्मा कौन हैं ? कहां से आई है ? इसे जन्म मृत्यु का रोग कहां,कब से लगा है ?इस प्रकार से ढेरों प्रश्न इस आध्यात्मिकता से जुड़े हुए हैं,इन सब का सही और सटीक प्रमाणिक उत्तर कबीर साहेब द्वारा अपने आध्यात्मिक ज्ञान में आज से 600 वर्ष पहले लोकोक्तियां,कविताओं,कबीर दोहों के माध्यम से दिया !

था जब उनके ज्ञान रिसर्च किया जाता है तो पता लगता है कि उनका ज्ञान गूढ़ रहस्यों से परिपूर्ण है और सर्वोपरि है उन्होंने ऐसा ज्ञान दिया जो विज्ञान से भी परे हैं! प्रमाणिकता और सत्यता पर खरा उतरता है !आध्यात्मिकता की उच्चता हमेशा से ही रही है आध्यात्मिक ज्ञान में सृष्टि रचना से लेकर वर्तमान और आगे भविष्य की कंप्लीट जानकारी विद्यमान है ! कबीर साहिब द्वारा दिया गया आध्यात्मिक ज्ञान ऐसा है की  मूर्ख व्यक्ति की बुद्धि में आने वाला नहीं है और ज्ञानी विद्वान व्यक्ति उसके ज्ञान को सुनकर समझ कर हृदय से लगा लेता है  आगे की जानकारी अगले ब्लॉक में मिलेगी....
 धन्यवाद

Story of struggle of Sant Rampal Ji

संघर्ष इतिहास उन्हें महापुरुषों का लिखा जाता है जिन्होंने कठोर संघर्ष किया होता है ! संघर्ष किए बिना किसी को भी आज तक अपने मुख्य उद्देश क...